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एक पवित्र आयोजन
ज्ञान यज्ञ
तीर्थराज पुष्कर की पुण्यभूमि पर भक्ति, श्रद्धा और दिव्य ज्ञान का एक पवित्र आयोजन

सर्वाश्रमभिगमनं सर्वतीर्थावगाहनम् । न तथा पारणं नृणां नारायणकथा यथा ॥
स्मृति में समर्पित
यह पावन आयोजन हमारे पूज्य बड़ों की स्मृति में समर्पित है, जिनके आशीर्वाद सदा हमारा मार्गदर्शन करते हैं:

श्री श्री १००८ दुर्गा बाईसा (लालाणा)

पूज्य पितृ-देवी बहन अलका जीजी

स्वर्गीय श्री रामस्वरूप जी पंचारिया

स्वर्गीय श्रीमती शांता देवी पंचारिया
उनके आदर्श, विश्वास और दिव्य कृपा इस आध्यात्मिक आयोजन की नींव हैं।
आयोजन के विषय में
भगवद् कृपा एवं पितृजनों सहित हमारे पूज्य माता-पिता के आशीर्वाद से, तीर्थराज पुष्कर की पुण्यभूमि पर श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का सौभाग्य हम सभी को प्राप्त हो रहा है। यह आयोजन समर्पित है, हमारी पूज्य पितृ-देवी बहन अलका जीजी के मार्गदर्शन, आशीर्वाद एवं दिव्य प्रेरणा को, जिनकी छाया में यह धार्मिक संकल्प साकार हो सका है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पारिवारिक श्रद्धा, संस्कृति और आत्मिक कल्याण का सामूहिक यज्ञ है जिसमें संघर्ष भी है, स्मृति भी, और सेवा का संकल्प भी।
आपसे निवेदन है कि सपरिवार पधारकर कथा श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त करें एवं स्नेह-सान्निध्य से आयोजन की शोभा बढ़ाएँ।
व्यास पीठ

(जय जय हरि)

शिष्य:
जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी
अपने दिव्य ज्ञान, सरलता और आध्यात्मिक गहनता से, आचार्य श्री जनक जी श्रीमद्भागवत के पवित्र वाचन के माध्यम से भक्ति का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
कथा-समय
२८ मई
गुरुवार
प्रातः ७:१५
कलश यात्रा
कथा-आरंभ की पावन शोभायात्रा
अपराह्न ३:१५ – ७:१५
प्रथम दिवस — कथा-आरंभ
भजन-सत्संग: नारद, भक्ति व २४ अवतार
२९ मई
शुक्रवार
प्रातः ९:१५ – १२:१५
द्वितीय दिवस
भजन-सत्संग: उत्तरा, कुंती व परीक्षित
३० मई
शनिवार
प्रातः ९:१५ – १२:१५
तृतीय दिवस
भजन-सत्संग: ध्रुव, पृथु व भारतवर्ष
३१ मई
रविवार
प्रातः ९:१५ – १२:१५
चतुर्थ दिवस
भजन-सत्संग: वामन, राम व कृष्ण जन्म
१ जून
सोमवार
प्रातः ९:१५ – १२:१५
पंचम दिवस
भजन-सत्संग: बाल लीला व ५६ भोग
२ जून
मंगलवार
प्रातः ९:१५ – १२:१५
षष्ठम दिवस
भजन-सत्संग: रास लीला
३ जून
बुधवार
प्रातः ९:१५ – १२:१५
सप्तम दिवस — कथा-समापन
भजन-सत्संग: रुक्मिणी विवाह व सुदामा
अपराह्न ३:१५
हवन (पूर्णाहुति)
पावन यज्ञ — कथा की पूर्णाहुति
पावन प्रसंग

नारद, भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, गोकर्ण, २४ अवतार आदि

उत्तरा, कुंती, भीष्म, द्रौपदी, परीक्षित, शुक, चतुःश्लोकी, विदुर-मैत्रेय संवाद, कपिल-देवहूती

मनुवंश, दक्ष, ध्रुव, पृथु, प्राचीनबर्हि, प्रियव्रत, ऋषभदेव, भारतवर्ष

वामन, राम, कृष्ण जन्म, प्रह्लाद, गजेन्द्र मोक्ष, बलि, अम्बरीष

बाल लीला, ५६ भोग

रास लीला

रुक्मिणी विवाह, सुदामा चरित्र
आयोजक परिवार










































मुंबई
लंदन
अहमदाबाद
१९९६
पुष्कर
१९९६
पुष्कर
२०००
हरिद्वार
२०००
हरिद्वार
२००६
पुष्कर
२००६
पुष्कर
२०१०
द्वारका
२०१०
द्वारका
२०२६
पुष्कर
२०२६
पुष्कर
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कथा-स्थल



नई बस स्टैंड के समीप, छोटी बस्ती पुष्कर, राजस्थान
तीर्थराज पुष्कर की पवित्र भूमि पर स्थित, यह स्थल कथा के लिए एक शांत और आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करता है।