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एक पवित्र आयोजन

श्रीमद्भागवत कथा २०२६

ज्ञान यज्ञ

२८ मई - ३ जून २०२६ पुष्कर, राजस्थान

तीर्थराज पुष्कर की पुण्यभूमि पर भक्ति, श्रद्धा और दिव्य ज्ञान का एक पवित्र आयोजन

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सर्वाश्रमभिगमनं सर्वतीर्थावगाहनम् । न तथा पारणं नृणां नारायणकथा यथा ॥

(स्कन्द पुराण - वैष्णव खण्ड)सभी आश्रमों में जाना और सभी तीर्थों में स्नान करना भी मनुष्यों के लिए उतना फलदायी नहीं है, जितना कि भगवान नारायण की कथा का श्रवण करना।

स्मृति में समर्पित

पूज्य स्मृति एवं दिव्य प्रेरणा

यह पावन आयोजन हमारे पूज्य बड़ों की स्मृति में समर्पित है, जिनके आशीर्वाद सदा हमारा मार्गदर्शन करते हैं:

श्री श्री १००८ दुर्गा बाईसा (लालाणा)

श्री श्री १००८ दुर्गा बाईसा (लालाणा)

पूज्य पितृ-देवी बहन अलका जीजी

पूज्य पितृ-देवी बहन अलका जीजी

स्वर्गीय श्री रामस्वरूप जी पंचारिया

स्वर्गीय श्री रामस्वरूप जी पंचारिया

स्वर्गीय श्रीमती शांता देवी पंचारिया

स्वर्गीय श्रीमती शांता देवी पंचारिया

उनके आदर्श, विश्वास और दिव्य कृपा इस आध्यात्मिक आयोजन की नींव हैं।

आयोजन के विषय में

एक पवित्र पारिवारिक आयोजन

भगवद् कृपा एवं पितृजनों सहित हमारे पूज्य माता-पिता के आशीर्वाद से, तीर्थराज पुष्कर की पुण्यभूमि पर श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का सौभाग्य हम सभी को प्राप्त हो रहा है। यह आयोजन समर्पित है, हमारी पूज्य पितृ-देवी बहन अलका जीजी के मार्गदर्शन, आशीर्वाद एवं दिव्य प्रेरणा को, जिनकी छाया में यह धार्मिक संकल्प साकार हो सका है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पारिवारिक श्रद्धा, संस्कृति और आत्मिक कल्याण का सामूहिक यज्ञ है जिसमें संघर्ष भी है, स्मृति भी, और सेवा का संकल्प भी।

आपसे निवेदन है कि सपरिवार पधारकर कथा श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त करें एवं स्नेह-सान्निध्य से आयोजन की शोभा बढ़ाएँ।

व्यास पीठ

व्यास-पीठ को सुशोभित करेंगे

Acharya Shri Janak Ji

परम श्रद्धेय पूज्य

आचार्य श्री जनक जी

(जय जय हरि)

Jagadguru Shri Rambhadracharya Ji

शिष्य:

जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी

अपने दिव्य ज्ञान, सरलता और आध्यात्मिक गहनता से, आचार्य श्री जनक जी श्रीमद्भागवत के पवित्र वाचन के माध्यम से भक्ति का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

कथा-समय

कथा की समय-सारिणी

तिथि
समय
कार्यक्रम
  • २८ मई

    गुरुवार

    भाग

    प्रातः ७:१५

    कलश यात्रा

    कथा-आरंभ की पावन शोभायात्रा

    भाग

    अपराह्न ३:१५७:१५

    प्रथम दिवस — कथा-आरंभ

    भजन-सत्संग: नारद, भक्ति व २४ अवतार

  • २९ मई

    शुक्रवार

    प्रातः ९:१५१२:१५

    द्वितीय दिवस

    भजन-सत्संग: उत्तरा, कुंती व परीक्षित

  • ३० मई

    शनिवार

    प्रातः ९:१५१२:१५

    तृतीय दिवस

    भजन-सत्संग: ध्रुव, पृथु व भारतवर्ष

  • ३१ मई

    रविवार

    प्रातः ९:१५१२:१५

    चतुर्थ दिवस

    भजन-सत्संग: वामन, राम व कृष्ण जन्म

  • जून

    सोमवार

    प्रातः ९:१५१२:१५

    पंचम दिवस

    भजन-सत्संग: बाल लीला व ५६ भोग

  • जून

    मंगलवार

    प्रातः ९:१५१२:१५

    षष्ठम दिवस

    भजन-सत्संग: रास लीला

  • जून

    बुधवार

    भाग

    प्रातः ९:१५१२:१५

    सप्तम दिवस — कथा-समापन

    भजन-सत्संग: रुक्मिणी विवाह व सुदामा

    भाग

    अपराह्न ३:१५

    हवन (पूर्णाहुति)

    पावन यज्ञ — कथा की पूर्णाहुति

पावन प्रसंग

कथा के पावन प्रसंग

नारद, भक्ति और २४ अवतार
प्रथम दिवस

नारद, भक्ति और २४ अवतार

नारद, भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, गोकर्ण, २४ अवतार आदि

उत्तरा, कुंती और परीक्षित
द्वितीय दिवस

उत्तरा, कुंती और परीक्षित

उत्तरा, कुंती, भीष्म, द्रौपदी, परीक्षित, शुक, चतुःश्लोकी, विदुर-मैत्रेय संवाद, कपिल-देवहूती

ध्रुव, पृथु और भारतवर्ष
तृतीय दिवस

ध्रुव, पृथु और भारतवर्ष

मनुवंश, दक्ष, ध्रुव, पृथु, प्राचीनबर्हि, प्रियव्रत, ऋषभदेव, भारतवर्ष

वामन, राम और कृष्ण जन्म
चतुर्थ दिवस

वामन, राम और कृष्ण जन्म

वामन, राम, कृष्ण जन्म, प्रह्लाद, गजेन्द्र मोक्ष, बलि, अम्बरीष

बाल लीला और ५६ भोग
पंचम दिवस

बाल लीला और ५६ भोग

बाल लीला, ५६ भोग

रास लीला
षष्ठम दिवस

रास लीला

रास लीला

रुक्मिणी विवाह और सुदामा
सप्तम दिवस

रुक्मिणी विवाह और सुदामा

रुक्मिणी विवाह, सुदामा चरित्र

आयोजक परिवार

पंचारिया परिवार की ओर से

Panchariya Family 1Panchariya Family 2Panchariya Family 3Panchariya Family 4Panchariya Family 5Panchariya Family 6Panchariya Family 7Panchariya Family 8Panchariya Family 9Panchariya Family 10Panchariya Family 11Panchariya Family 12Panchariya Family 13Panchariya Family 14Panchariya Family 15Panchariya Family 16Panchariya Family 17Panchariya Family 18Panchariya Family 19Panchariya Family 20Panchariya Family 21
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श्री सतीश पंचारिया

मुंबई

श्री अरुण पंचारिया

लंदन

श्री अशोक पंचारिया

अहमदाबाद

पंचारिया परिवार, श्रीराम स्वरूप जी पंचारिया के सुसंस्कारों एवं उनकी स्थापित आध्यात्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, निरंतर श्रीमद्भागवत कथा के पावन आयोजन करता आया है। वर्ष 1996 में पुष्कर से इस दिव्य परंपरा का शुभारंभ हुआ, जिसके पश्चात वर्ष 2000 में हरिद्वार, वर्ष 2006 में पुनः पुष्कर एवं वर्ष 2010 में द्वारिका में श्रद्धा और भक्ति के साथ कथा के आयोजन हुए। इसी पावन परंपरा की निरंतरता में वर्ष 2026 में एक बार फिर पुष्कर की पुण्यभूमि पर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होने जा रहा है, जिसकी सेवा श्रीराम स्वरूप जी पंचारिया के सुपुत्र—श्री सतीश पंचारिया, श्री अरुण पंचारिया एवं श्री अशोक पंचारिया द्वारा निभाई जा रही है। समस्त श्रद्धालुओं को पंचारिया परिवार की ओर से सादर आमंत्रण।

पंचारिया परिवार की कथा यात्रा

1

१९९६

पुष्कर

2

२०००

हरिद्वार

3

२००६

पुष्कर

4

२०१०

द्वारका

5

२०२६

पुष्कर

संपर्क

श्री अशोक पंचारिया

+91 9825423650

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कथा-स्थल

पवित्र कथा-स्थल

Venue 1Venue 2Venue 3

श्री गौतम आश्रम

नई बस स्टैंड के समीप, छोटी बस्ती पुष्कर, राजस्थान

तीर्थराज पुष्कर की पवित्र भूमि पर स्थित, यह स्थल कथा के लिए एक शांत और आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करता है।